प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान द्वारा रोके गए एमटी रियाह तेल टैंकर में मौजूद भारतीयों की रिहाई से पहले भारतीय कोन्सलेट के अधिकारियों और दूतावास के प्रतिनिधि ने ईरान के बंदर अब्बास में भारतीय स्टाफ़ से मुलाक़ात भी की थी। इस बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि ईरान ने एमटी रियाह तेल टैंकर में मौजूद 12 भारतीयों में से 9 को छोड़ दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि तेल टैंकर से छोड़े गए भारतीय नागरिक जल्द ही अपने देश लौट आएंगे। तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने ईरान सरकार से तेल टैंकर में मौजूद तीन अन्य भारतीयों को भी छोड़े जाने की अपील की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान के दक्षिण में स्थित हुर्मुज़गान प्रांत के केंद्र बंदर अब्बास में ईरान के वाणिज्य दूतावास के कुछ अधिकारियों ने तेहरान में भारत के दूतावास के प्रतिनिधि के साथ ईरानी सैन्य बलों द्वारा हुर्मुज़ स्ट्रेट में रोके गए तेल टैंकर में सवार स्टाफ़ के भारतीय सदस्यों से मुलाक़ात की। इससे पहले इस तेल टैंकर के मालिक ने भी बताया था कि स्टाफ़ के सभी सदस्य सुरक्षित व स्वस्थ हैं और उन्होंने अपने परिवार वालों से बात भी की है।
इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी ने जुलाई महीने के आरंभ में एक बयान जारी करके बताया था कि अंतर्राष्ट्रीय समुद्री क़ानूनों का उल्लंघन करने और प्रतिबंधित ईंधन की तस्करी करने के कारण हुर्मुज़ स्ट्रेट में एमटी रियाह तेल टैंकर को रोक लिया गया है। इस तेल टैंकर के स्टाफ़ में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। तेल टैंकर को बंदर अब्बास पहुंचा दिया गया है और उसका स्टाफ़ सुरक्षित व स्वस्थ है।